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सहीह बुख़ारी

नंबर 5240

नंबर 5240किताब 67, नंबर 173
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تُبَاشِرِ الْمَرْأَةُ الْمَرْأَةَ فَتَنْعَتَهَا لِزَوْجِهَا، كَأَنَّهُ يَنْظُرُ إِلَيْهَا ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin Mas`ud:The Prophet (ﷺ) said, "A woman should not look at or touch another woman to describe her to her husband in such a way as if he was actually looking at her

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 67 · Wedlock, Marriage (Nikaah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।