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सहीह बुख़ारी

नंबर 5180

नंबर 5180किताब 67, नंबर 115
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ صُهَيْبٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ أَبْصَرَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم نِسَاءً وَصِبْيَانًا مُقْبِلِينَ مِنْ عُرْسٍ، فَقَامَ مُمْتَنًّا فَقَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ أَنْتُمْ مِنْ أَحَبِّ النَّاسِ إِلَىَّ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas bin Malik:Once the Prophet (ﷺ) saw some women and children coming from a wedding party. He got up energetically and happily and said, "By Allah! You (i.e., the Ansar) are the most beloved of all people to me

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 67 · Wedlock, Marriage (Nikaah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।