حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ شِهَابٍ، سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، يَقُولُ سَمِعْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ، يَقُولُ رَدَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى عُثْمَانَ بْنِ مَظْعُونٍ التَّبَتُّلَ، وَلَوْ أَذِنَ لَهُ لاَخْتَصَيْنَا.
Narrated Sa`d bin Abi Waqqas:Allah's Messenger (ﷺ) forbade `Uthman bin Maz'un to abstain from marrying (and other pleasures) and if he had allowed him, we would have gotten ourselves castrated
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।