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सहीह बुख़ारी

नंबर 5069

नंबर 5069किताब 67, नंबर 7
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحَكَمِ الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ رَقَبَةَ، عَنْ طَلْحَةَ الْيَامِيِّ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، قَالَ قَالَ لِي ابْنُ عَبَّاسٍ هَلْ تَزَوَّجْتَ قُلْتُ لاَ‏.‏ قَالَ فَتَزَوَّجْ فَإِنَّ خَيْرَ هَذِهِ الأُمَّةِ أَكْثَرُهَا نِسَاءً‏.‏
Narrated Sa`id bin Jubair:Ibn `Abbas asked me, "Are you married?" I replied, "No." He said, "Marry, for the best person of this (Muslim) nation (i.e., Muhammad) of all other Muslims, had the largest number of wives

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 67 · Wedlock, Marriage (Nikaah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।