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सहीह बुख़ारी

नंबर 4994

नंबर 4994किताब 66, नंबर 16
حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ يَزِيدَ، سَمِعْتُ ابْنَ مَسْعُودٍ، يَقُولُ فِي بَنِي إِسْرَائِيلَ وَالْكَهْفِ وَمَرْيَمَ وَطَهَ وَالأَنْبِيَاءِ إِنَّهُنَّ مِنَ الْعِتَاقِ الأُوَلِ وَهُنَّ مِنْ تِلاَدِي‏.‏
Narrated `Abdullah bin Mas`ud:Surat Bani-lsrael, Al-Kahf (The Cave), Maryam, Taha, Al-Anbiya' (The prophets) are amongst my first earnings and my old property, and (in fact) they are my old property

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 66 · Virtues of the Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।