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सहीह बुख़ारी

नंबर 4932

नंबर 4932किताब 65, नंबर 453
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَابِسٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، إِنَّهَا تَرْمِي بِشَرَرٍ كَالْقَصْرِ قَالَ كُنَّا نَرْفَعُ الْخَشَبَ بِقَصَرٍ ثَلاَثَةَ أَذْرُعٍ أَوْ أَقَلَّ، فَنَرْفَعُهُ لِلشِّتَاءِ فَنُسَمِّيهِ الْقَصَرَ‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:(as regards the explanation of Hadith 454). 'Indeed, it (Hell) throws about sparks (huge) as Forts.' We used to collect wood in the form of logs, three cubits long or shorter. for heating purposes in winter., and we used to call such wood, the Qasr

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।