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सहीह बुख़ारी

नंबर 4931

नंबर 4931किताब 65, नंबर 451
حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ مَنْصُورٍ، بِهَذَا‏.‏ وَعَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَلْقَمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، مِثْلَهُ‏.‏ وَتَابَعَهُ أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ عَنْ إِسْرَائِيلَ،‏.‏ وَقَالَ حَفْصٌ وَأَبُو مُعَاوِيَةَ وَسُلَيْمَانُ بْنُ قَرْمٍ عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ،‏.‏ قَالَ يَحْيَى بْنُ حَمَّادٍ أَخْبَرَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَلْقَمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ،‏.‏ وَقَالَ ابْنُ إِسْحَاقَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الأَسْوَدِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ
Narrated `Abdullah:(Similarly--as no. 452 above)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।