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सहीह बुख़ारी

नंबर 4911

नंबर 4911किताब 65, नंबर 431
حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ فَضَالَةَ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ يَحْيَى، عَنِ ابْنِ حَكِيمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ فِي الْحَرَامِ يُكَفِّرُ‏.‏ وَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ ‏{‏لَقَدْ كَانَ لَكُمْ فِي رَسُولِ اللَّهِ إِسْوَةٌ حَسَنَةٌ‏}‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:If someone says to his wife, "You are unlawful to me." he must make an expiation (for his oath). Ibn `Abbas added: There is for you in Allah's Messenger (ﷺ), an excellent example to follow

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।