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सहीह बुख़ारी

नंबर 4899

नंबर 4899किताब 65, नंबर 419
حَدَّثَنِي حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا حُصَيْنٌ، عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، وَعَنْ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ أَقْبَلَتْ عِيرٌ يَوْمَ الْجُمُعَةِ وَنَحْنُ مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَثَارَ النَّاسُ إِلاَّ اثْنَا عَشَرَ رَجُلاً فَأَنْزَلَ اللَّهُ ‏{‏وَإِذَا رَأَوْا تِجَارَةً أَوْ لَهْوًا انْفَضُّوا إِلَيْهَا‏}‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:A caravan of merchandise arrived at Medina on a Friday while we were with the Prophet (ﷺ) All the people left (the Prophet (ﷺ) and headed for the caravan) except twelve persons. Then Allah revealed:-- 'But when they see some bargain or some amusement they disperse headlong to it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।