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सहीह बुख़ारी

नंबर 4872

नंबर 4872किताब 65, नंबर 393
حَدَّثَنَا عَبْدَانُ، أَخْبَرَنَا أَبِي، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ ‏{‏فَهَلْ مِنْ مُدَّكِرٍ‏}‏ الآيَةَ‏.‏
Narrated `Abdullah bin Masud: The Prophet (ﷺ) used to recite: "Fahal-min-Maddakir (then is there any that will receive admonition?)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।