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सहीह बुख़ारी

नंबर 4841

नंबर 4841किताब 65, नंबर 362
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا شَبَابَةُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ عُقْبَةَ بْنَ صُهْبَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍ الْمُزَنِيِّ، إِنِّي مِمَّنْ شَهِدَ الشَّجَرَةَ، نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْخَذْفِ‏.‏
Narrated `Uqba bin Suhban:`Abdullah bin Mughaffal Al-Muzani who was one of those who witnessed (the event of) the tree, said, "The Prophet (ﷺ) forbade the throwing of small stones (with two fingers)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।