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सहीह बुख़ारी

नंबर 4819

नंबर 4819किताब 65, नंबर 341
حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ يَعْلَى، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقْرَأُ عَلَى الْمِنْبَرِ ‏{‏وَنَادَوْا يَا مَالِكُ لِيَقْضِ عَلَيْنَا رَبُّكَ‏}‏ وَقَالَ قَتَادَةُ مَثَلاً لِلآخِرِينَ عِظَةً ‏لِمَنْ بَعْدَهُمْ.‏ وَقَالَ غَيْرُهُ ‏{‏مُقْرِنِينَ‏}‏ ضَابِطِينَ يُقَالُ فُلاَنٌ مُقْرِنٌ لِفُلاَنٍ ضَابِطٌ لَهُ وَالأَكْوَابُ الأَبَارِيقُ الَّتِي لاَ خَرَاطِيمَ لَهَا ‏{‏أَوَّلُ الْعَابِدِينَ‏}‏ أَىْ مَا كَانَ فَأَنَا أَوَّلُ الأَنِفِينَ وَهُمَا لُغَتَانِ رَجُلٌ عَابِدٌ وَعَبِدٌ وَقَرَأَ عَبْدُ اللَّهِ ‏{‏وَقَالَ الرَّسُولُ يَا رَبِّ‏}‏ وَيُقَالُ أَوَّلُ الْعَابِدِينَ الْجَاحِدِينَ مِنْ عَبِدَ يَعْبَدُ‏.‏
Narrated Ya`la:I heard the Prophet (ﷺ) reciting when on the pulpit: 'They will cry, "O Malik (Keeper of Hell) Let your Lord make an end of us

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।