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सहीह बुख़ारी

नंबर 4806

नंबर 4806किताब 65, नंबर 328
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْعَوَّامِ، قَالَ سَأَلْتُ مُجَاهِدًا عَنِ السَّجْدَةِ، فِي ص قَالَ سُئِلَ ابْنُ عَبَّاسٍ فَقَالَ ‏{‏أُولَئِكَ الَّذِينَ هَدَى اللَّهُ فَبِهُدَاهُمُ اقْتَدِهْ‏}‏‏.‏ وَكَانَ ابْنُ عَبَّاسٍ يَسْجُدُ فِيهَا‏.‏
Narrated Al-Awwam:I asked Mujahid regarding the prostration in Surat Sa`d. He said, "Ibn `Abbas was asked the same question and he said, 'Those are they (the prophets) whom Allah had Guided. So follow their guidance." (6.90) Ibn `Abbas used to perform a prostration (on reading this Sura)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।