सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 4641

नंबर 4641किताब 65, नंबर 163
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ قِيلَ لِبَنِي إِسْرَائِيلَ ‏{‏ادْخُلُوا الْبَابَ سُجَّدًا وَقُولُوا حِطَّةٌ نَغْفِرْ لَكُمْ خَطَايَاكُمْ‏}‏ فَبَدَّلُوا فَدَخَلُوا يَزْحَفُونَ عَلَى أَسْتَاهِهِمْ وَقَالُوا حَبَّةٌ فِي شَعَرَةٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "It was said to the children of Israel, 'Enter the gate in prostration and say Hittatun. We shall forgive you your faults.' (7.161) But they changed (Allah's Order) and entered, dragging themselves on their buttocks and said, 'Habbatun (a grain) in a Sha'ratin (hair)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।