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सहीह बुख़ारी

नंबर 4584

नंबर 4584किताब 65, नंबर 106
حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ الْفَضْلِ، أَخْبَرَنَا حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ يَعْلَى بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ ‏{‏أَطِيعُوا اللَّهَ وَأَطِيعُوا الرَّسُولَ وَأُولِي الأَمْرِ مِنْكُمْ‏}‏‏.‏ قَالَ نَزَلَتْ فِي عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُذَافَةَ بْنِ قَيْسِ بْنِ عَدِيٍّ، إِذْ بَعَثَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فِي سَرِيَّةٍ‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Verse: "Obey Allah and Obey the Apostle and those of you (Muslims) who are in authority." (4.59) was revealed in connection with `Abdullah bin Hudhafa bin Qais bin `Adi' when the Prophet (ﷺ) appointed him as the commander of a Sariyya (army detachment)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।