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सहीह बुख़ारी

नंबर 4563

नंबर 4563किताब 65, नंबर 85
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ ـ أُرَاهُ قَالَ ـ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، عَنْ أَبِي حَصِينٍ، عَنْ أَبِي الضُّحَى، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، ‏{‏حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ‏}‏ قَالَهَا إِبْرَاهِيمُ عَلَيْهِ السَّلاَمُ حِينَ أُلْقِيَ فِي النَّارِ، وَقَالَهَا مُحَمَّدٌ صلى الله عليه وسلم حِينَ قَالُوا ‏{‏إِنَّ النَّاسَ قَدْ جَمَعُوا لَكُمْ فَاخْشَوْهُمْ فَزَادَهُمْ إِيمَانًا وَقَالُوا حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ‏}‏
Narrated Ibn `Abbas:'Allah is Sufficient for us and He Is the Best Disposer of affairs," was said by Abraham when he was thrown into the fire; and it was said by Muhammad when they (i.e. hypocrites) said, "A great army is gathering against you, therefore, fear them," but it only increased their faith and they said: "Allah is Sufficient for us, and He is the Best Disposer (of affairs, for us)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।