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सहीह बुख़ारी

नंबर 4497

नंबर 4497किताब 65, नंबर 24
حَدَّثَنَا عَبْدَانُ، عَنْ أَبِي حَمْزَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم كَلِمَةً وَقُلْتُ أُخْرَى قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ مَاتَ وَهْوَ يَدْعُو مِنْ دُونِ اللَّهِ نِدًّا دَخَلَ النَّارَ ‏"‏‏.‏ وَقُلْتُ أَنَا مَنْ مَاتَ وَهْوَ لاَ يَدْعُو لِلَّهِ نِدًّا دَخَلَ الْجَنَّةَ‏.‏
Narrated `Abdullah:The Prophet (ﷺ) said one statement and I said another. The Prophet (ﷺ) said "Whoever dies while still invoking anything other than Allah as a rival to Allah, will enter Hell (Fire)." And I said, "Whoever dies without invoking anything as a rival to Allah, will enter Paradise

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 65 · Prophetic Commentary on the Qur'an (Tafseer of the Prophet (pbuh))

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।