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सहीह बुख़ारी

नंबर 4468

नंबर 4468किताब 64, नंबर 483
حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ، عَنِ الْفُضَيْلِ بْنِ سُلَيْمَانَ، حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، اسْتَعْمَلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أُسَامَةَ ـ فَقَالُوا فِيهِ ـ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ قَدْ بَلَغَنِي أَنَّكُمْ قُلْتُمْ فِي أُسَامَةَ، وَإِنَّهُ أَحَبُّ النَّاسِ إِلَىَّ ‏"‏‏.‏
Narrated Salim's father:The Prophet (ﷺ) appointed Usama as the commander of the troops (to be sent to Syria). The Muslims spoke about Usama (unfavorably ). The Prophet (ﷺ) said, " I have been informed that you spoke about Usama. (Let it be known that ) he is the most beloved of all people to me

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।