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सहीह बुख़ारी

नंबर 4457

नंबर 4457किताब 64, नंबर 473
حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ مُوسَى بْنِ أَبِي عَائِشَةَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، وَابْنِ، عَبَّاسٍ أَنَّ أَبَا بَكْر ٍ ـ رضى الله عنه ـ قَبَّلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم بَعْدَ مَوْتِهِ‏.‏
Narrated Aisha and Ibn `Abbas:Abu Bakr kissed the Prophet (ﷺ) after his death

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।