सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 4273

नंबर 4273किताब 64, नंबर 307
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ مَسْعَدَةَ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي عُبَيْدٍ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ الأَكْوَعِ، قَالَ غَزَوْتُ مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم سَبْعَ غَزَوَاتٍ‏.‏ فَذَكَرَ خَيْبَرَ وَالْحُدَيْبِيَةَ وَيَوْمَ حُنَيْنٍ وَيَوْمَ الْقَرَدِ‏.‏ قَالَ يَزِيدُ وَنَسِيتُ بَقِيَّتَهُمْ‏.‏
Narrated Yazid bin Abi Ubaid:Salama bin Al-Akwa` said, "I fought in seven Ghazwat along with the Prophet." He then mentioned Khaibar, Al-Hudaibiya, the day (i.e. battle) of Hunain and the day of Al-Qarad. I forgot the names of the other Ghazwat

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।