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सहीह बुख़ारी

नंबर 4266

नंबर 4266किताब 64, नंबर 300
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنِي قَيْسٌ، قَالَ سَمِعْتُ خَالِدَ بْنَ الْوَلِيدِ، يَقُولُ لَقَدْ دُقَّ فِي يَدِي يَوْمَ مُوتَةَ تِسْعَةُ أَسْيَافٍ، وَصَبَرَتْ فِي يَدِي صَفِيحَةٌ لِي يَمَانِيَةٌ‏.‏
Narrated Khalid bin Al-Walid:On the day of Mu'tah, nine swords were broken in my hand and only a Yemenite sword of mine remained in my hand

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।