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सहीह बुख़ारी

नंबर 4224

नंबर 4224किताब 64, नंबर 262
حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا عَدِيُّ بْنُ ثَابِتٍ، سَمِعْتُ الْبَرَاءَ، وَابْنَ أَبِي أَوْفَى، يُحَدِّثَانِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ يَوْمَ خَيْبَرَ وَقَدْ نَصَبُوا الْقُدُورَ أَكْفِئُوا الْقُدُورَ‏.‏
Narrated Al-Bara' and Ibn Abi `Aufa:On the day of Khaibar when the cooking pots were put on the fire, the Prophet (ﷺ) said, "Turn the cooking pots upside down

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।