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सहीह बुख़ारी

नंबर 4204

नंबर 4204किताब 64, नंबर 244
وَقَالَ شَبِيبٌ عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي ابْنُ الْمُسَيَّبِ، وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ كَعْبٍ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ شَهِدْنَا مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم حُنَيْنًا‏.‏ وَقَالَ ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ يُونُسَ عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏ تَابَعَهُ صَالِحٌ عَنِ الزُّهْرِيِّ‏.‏ وَقَالَ الزُّبَيْدِيُّ أَخْبَرَنِي الزُّهْرِيُّ أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ كَعْبٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ كَعْبٍ قَالَ أَخْبَرَنِي مَنْ شَهِدَ مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم خَيْبَرَ‏.‏ قَالَ الزُّهْرِيُّ وَأَخْبَرَنِي عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ وَسَعِيدٌ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
narration about the chain of narrators

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।