सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 4124

नंबर 4124किताब 64, नंबर 168
وَزَادَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ طَهْمَانَ عَنِ الشَّيْبَانِيِّ، عَنْ عَدِيِّ بْنِ ثَابِتٍ، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ قُرَيْظَةَ لِحَسَّانَ بْنِ ثَابِتٍ ‏ "‏ اهْجُ الْمُشْرِكِينَ، فَإِنَّ جِبْرِيلَ مَعَكَ ‏"‏‏.‏
Al-Bara' bin `Azib said (through another chain of sub-narrators):"On the day of Quraiza's (siege), Allah's Messenger (ﷺ) said to Hassan bin Thabit, 'Abuse them (with your poems), and Jibril is with you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।