حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ لَمَّا رَجَعَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مِنَ الْخَنْدَقِ وَوَضَعَ السِّلاَحَ وَاغْتَسَلَ، أَتَاهُ جِبْرِيلُ ـ عَلَيْهِ السَّلاَمُ ـ فَقَالَ قَدْ وَضَعْتَ السِّلاَحَ وَاللَّهِ مَا وَضَعْنَاهُ، فَاخْرُجْ إِلَيْهِمْ. قَالَ " فَإِلَى أَيْنَ ". قَالَ هَا هُنَا، وَأَشَارَ إِلَى بَنِي قُرَيْظَةَ، فَخَرَجَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِلَيْهِمْ.
आइशा (रज़ियल्लाहु अनहा) कहती हैं कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब ख़नदक़ युद्ध से लौटे और हथियार उतारने के बाद स्नान कर लिया, तो जिबरील (अलैहिस्सलाम) आपके पास आए और बोले: आपने हथियार उतार दिया है? अल्लाह की क़सम! हमने अभी तक नहीं उतारा है! आप उनकी ओर चलें! नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने पूछा: किधर जाना है? तो उन्होंने बनू क़ुरैज़ा की ओर इशारा करते हुए कहा कि उधर। फिर अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) बनू क़ुरैज़ा की ओर निकल पड़े।
जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।