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सहीह बुख़ारी

नंबर 4105

नंबर 4105किताब 64, नंबर 149
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي الْحَكَمُ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رَضِيَ الله عنهما ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ نُصِرْتُ بِالصَّبَا وَأُهْلِكَتْ عَادٌ بِالدَّبُورِ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The Prophet (ﷺ) said, "I have been made victorious by As-Saba (i.e. an easterly wind) and the Ad nation was destroyed by Ad-Dabur (i.e. a westerly wind)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।