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सहीह बुख़ारी

नंबर 4076

नंबर 4076किताब 64, नंबर 121
حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ اشْتَدَّ غَضَبُ اللَّهِ عَلَى مَنْ قَتَلَهُ نَبِيٌّ، اشْتَدَّ غَضَبُ اللَّهِ عَلَى مَنْ دَمَّى وَجْهَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:Allah's Wrath gets severe on a person killed by a prophet, and Allah's Wrath became severe on him who had caused the face of Allah's Messenger (ﷺ) to bleed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।