حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ نَصْرٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ بَعَثَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَهْطًا إِلَى أَبِي رَافِعٍ فَدَخَلَ عَلَيْهِ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَتِيكٍ بَيْتَهُ لَيْلاً وَهْوَ نَائِمٌ فَقَتَلَهُ.
Narrated Al-Bara bin Azib:Allah's Messenger (ﷺ) sent a group of persons to Abu Rafi`. `Abdullah bin Atik entered his house at night, while he was sleeping, and killed him
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।