सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 4004

नंबर 4004किताब 64, नंबर 55
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَبَّادٍ، أَخْبَرَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ، قَالَ أَنْفَذَهُ لَنَا ابْنُ الأَصْبَهَانِيِّ سَمِعَهُ مِنِ ابْنِ مَعْقِلٍ، أَنَّ عَلِيًّا ـ رضى الله عنه ـ كَبَّرَ عَلَى سَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ فَقَالَ إِنَّهُ شَهِدَ بَدْرًا‏.‏
Narrated Ibn Ma`qil:`Ali led the funeral prayer of Sahl bin Hunaif and said, "He was one of the warriors of Badr

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।