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सहीह बुख़ारी

नंबर 3994

नंबर 3994किताब 64, नंबर 45
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، أَخْبَرَنَا يَزِيدُ، أَخْبَرَنَا يَحْيَى، سَمِعَ مُعَاذَ بْنَ رِفَاعَةَ، أَنَّ مَلَكًا، سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم‏.‏ وَعَنْ يَحْيَى، أَنَّ يَزِيدَ بْنَ الْهَادِ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ كَانَ مَعَهُ يَوْمَ حَدَّثَهُ مُعَاذٌ هَذَا الْحَدِيثَ، فَقَالَ يَزِيدُ فَقَالَ مُعَاذٌ إِنَّ السَّائِلَ هُوَ جِبْرِيلُ عَلَيْهِ السَّلاَمُ‏.‏
Narrated Mu`adh:The one who asked (the Prophet) was Gabriel (refer to Hadith)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।