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सहीह बुख़ारी

नंबर 3990

नंबर 3990किताब 64, नंबर 41
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ ذُكِرَ لَهُ أَنَّ سَعِيدَ بْنَ زَيْدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ نُفَيْلٍ ـ وَكَانَ بَدْرِيًّا ـ مَرِضَ فِي يَوْمِ جُمُعَةٍ فَرَكِبَ إِلَيْهِ بَعْدَ أَنْ تَعَالَى النَّهَارُ وَاقْتَرَبَتِ الْجُمُعَةُ، وَتَرَكَ الْجُمُعَةَ
Narrated Nafi: Ibn 'Umar was once told that Said bin Zaid bin 'Amr bin Nufail, one of the Badr warriors, had fallen ill on a Friday. Ibn 'Umar rode to him late in the forenoon. The time of the Friday prayer approached and Ibn 'Umar did not take part in the Friday prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।