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सहीह बुख़ारी

नंबर 3974

नंबर 3974किताब 64, नंबर 27
حَدَّثَنَا فَرْوَةُ، عَنْ عَلِيٍّ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ كَانَ سَيْفُ الزُّبَيْرِ مُحَلًّى بِفِضَّةٍ‏.‏ قَالَ هِشَامٌ وَكَانَ سَيْفُ عُرْوَةَ مُحَلًّى بِفِضَّةٍ‏.‏
Narrated Hisham:That his father said, "The sword of Az-Zubair was decorated with silver." Hisham added, "The sword of `Urwa was (also) decorated with silver

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।