सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3970

नंबर 3970किताब 64, नंबर 23
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، سَأَلَ رَجُلٌ الْبَرَاءَ وَأَنَا أَسْمَعُ، قَالَ أَشَهِدَ عَلِيٌّ بَدْرًا قَالَ بَارَزَ وَظَاهَرَ‏.‏
Narrated Abu 'Is-haq:A man asked Al-Bara' and I was listening, "Did `Ali take part in (the battle of) Badr?" Al-Bara' said, "(Yes). he even met (his enemies) in a duel and was clad in two armors (one over the other)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।