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सहीह बुख़ारी

नंबर 3954

नंबर 3954किताब 64, नंबर 6
حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى، أَخْبَرَنَا هِشَامٌ، أَنَّ ابْنَ جُرَيْجٍ، أَخْبَرَهُمْ قَالَ أَخْبَرَنِي عَبْدُ الْكَرِيمِ، أَنَّهُ سَمِعَ مِقْسَمًا، مَوْلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ يُحَدِّثُ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّهُ سَمِعَهُ يَقُولُ ‏{‏لاَ يَسْتَوِي الْقَاعِدُونَ مِنَ الْمُؤْمِنِينَ‏}‏ عَنْ بَدْرٍ، وَالْخَارِجُونَ، إِلَى بَدْرٍ‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:The believers who failed to join the Ghazwa of Badr and those who took part in it are not equal (in reward)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।