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सहीह बुख़ारी

नंबर 3880

नंबर 3880किताब 63, नंबर 105
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، وَابْنُ الْمُسَيَّبِ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ أَخْبَرَهُمَا أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَعَى لَهُمُ النَّجَاشِيَّ صَاحِبَ الْحَبَشَةِ فِي الْيَوْمِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ، وَقَالَ ‏ "‏ اسْتَغْفِرُوا لأَخِيكُمْ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:that Allah's Messenger (ﷺ) informed them (i.e. his companions) of the death of Negus, the king of Ethiopia, on the very day on which the latter died, and said, "Ask Allah's Forgiveness for your brother

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 63 · Merits of the Helpers in Madinah (Ansaar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।