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सहीह बुख़ारी

नंबर 3877

नंबर 3877किताब 63, नंबर 102
حَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ، حَدَّثَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم حِينَ مَاتَ النَّجَاشِيُّ ‏ "‏ مَاتَ الْيَوْمَ رَجُلٌ صَالِحٌ، فَقُومُوا فَصَلُّوا عَلَى أَخِيكُمْ أَصْحَمَةَ ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir:When Negus died, the Prophet (ﷺ) said, "Today a pious man has died. So get up and offer the funeral prayer for your brother Ashama

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 63 · Merits of the Helpers in Madinah (Ansaar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।