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सहीह बुख़ारी

नंबर 3790

नंबर 3790किताब 63, नंबर 15
حَدَّثَنَا سَعْدُ بْنُ حَفْصٍ، حَدَّثَنَا شَيْبَانُ، عَنْ يَحْيَى، قَالَ أَبُو سَلَمَةَ أَخْبَرَنِي أَبُو أُسَيْدٍ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ خَيْرُ الأَنْصَارِ ـ أَوْ قَالَ خَيْرُ دُورِ الأَنْصَارِ ـ بَنُو النَّجَّارِ وَبَنُو عَبْدِ الأَشْهَلِ وَبَنُو الْحَارِثِ وَبَنُو سَاعِدَةَ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Usaid:That he heard the Prophet (ﷺ) saying, "The best of the Ansar, or the best of the Ansar families (homes) are Banu An-Najjar, Bani `Abdul Ash-hal, Banu Al-Harith and Banu Sai'da

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 63 · Merits of the Helpers in Madinah (Ansaar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।