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सहीह बुख़ारी

नंबर 3756

नंबर 3756किताब 62, नंबर 101
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، عَنْ خَالِدٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ،، قَالَ ضَمَّنِي النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِلَى صَدْرِهِ وَقَالَ ‏ "‏ اللَّهُمَّ عَلِّمْهُ الْحِكْمَةَ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:Once the Prophet (ﷺ) embraced me (pressed me to his chest) and said, "O Allah, teach him wisdom (i.e. the understanding of the knowledge of Qur'an)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।