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सहीह बुख़ारी

नंबर 3725

नंबर 3725किताब 62, नंबर 72
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، قَالَ سَمِعْتُ يَحْيَى، قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، قَالَ سَمِعْتُ سَعْدًا، يَقُولُ جَمَعَ لِي النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَبَوَيْهِ يَوْمَ أُحُدٍ‏.‏
Narrated Sa`d:On the day of the battle of Uhud the Prophet (ﷺ) mentioned for me both his parents (i.e. saying, "Let my parents be sacrificed for you)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।