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सहीह बुख़ारी

नंबर 3713

नंबर 3713किताब 62, नंबर 62
أَخْبَرَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الْوَهَّابِ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ وَاقِدٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي يُحَدِّثُ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ أَبِي بَكْرٍ ـ رضى الله عنهم ـ قَالَ ارْقُبُوا مُحَمَّدًا صلى الله عليه وسلم فِي أَهْلِ بَيْتِهِ‏.‏
Abu Bakr said: Look at Muhammad through his family (i.e. if you are no good to his family you are not good to him)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।