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सहीह बुख़ारी

नंबर 3699

नंबर 3699किताब 62, नंबर 49
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، أَنَّ أَنَسًا ـ رضى الله عنه ـ حَدَّثَهُمْ قَالَ صَعِدَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أُحُدًا، وَمَعَهُ أَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَعُثْمَانُ، فَرَجَفَ وَقَالَ ‏ "‏ اسْكُنْ أُحُدُ ـ أَظُنُّهُ ضَرَبَهُ بِرِجْلِهِ ـ فَلَيْسَ عَلَيْكَ إِلاَّ نَبِيٌّ وَصِدِّيقٌ وَشَهِيدَانِ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) ascended the mountain of Uhud and Abu Bakr, `Umar and `Uthman were accompanying him. The mountain gave a shake (i.e. trembled underneath them) . The Prophet (ﷺ) said, "O Uhud ! Be calm." I think that the Prophet (ﷺ) hit it with his foot, adding, "For upon you there are none but a Prophet, a Siddiq and two martyrs

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।