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सहीह बुख़ारी

नंबर 3697

नंबर 3697किताब 62, नंबर 47
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمِ بْنِ بَزِيغٍ، حَدَّثَنَا شَاذَانُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي سَلَمَةَ الْمَاجِشُونُ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ كُنَّا فِي زَمَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم لاَ نَعْدِلُ بِأَبِي بَكْرٍ أَحَدًا ثُمَّ عُمَرَ ثُمَّ عُثْمَانَ، ثُمَّ نَتْرُكُ أَصْحَابَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم لاَ نُفَاضِلُ بَيْنَهُمْ‏.‏ تَابَعَهُ عَبْدُ اللَّهِ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ‏.‏
Narrated Ibn `Umar:During the lifetime of the Prophet (ﷺ) we considered Abu Bakr as peerless and then `Umar and then `Uthman (coming next to him in superiority) and then we used not to differentiate between the companions of the Prophet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।