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सहीह बुख़ारी

नंबर 3671

नंबर 3671किताब 62, नंबर 21
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ، أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا جَامِعُ بْنُ أَبِي رَاشِدٍ، حَدَّثَنَا أَبُو يَعْلَى، عَنْ مُحَمَّدِ ابْنِ الْحَنَفِيَّةِ، قَالَ قُلْتُ لأَبِي أَىُّ النَّاسِ خَيْرٌ بَعْدَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ أَبُو بَكْرٍ‏.‏ قُلْتُ ثُمَّ مَنْ قَالَ ثُمَّ عُمَرُ‏.‏ وَخَشِيتُ أَنْ يَقُولَ عُثْمَانُ قُلْتُ ثُمَّ أَنْتَ قَالَ مَا أَنَا إِلاَّ رَجُلٌ مِنَ الْمُسْلِمِينَ‏.‏
Narrated Muhammad bin Al-Hanafiya:I asked my father (`Ali bin Abi Talib), "Who are the best people after Allah's Messenger (ﷺ) ?" He said, "Abu Bakr." I asked, "Who then?" He said, "Then `Umar. " I was afraid he would say "Uthman, so I said, "Then you?" He said, "I am only an ordinary person

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।