حَدَّثَنَا يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم دَخَلَ عَلَيْهَا مَسْرُورًا تَبْرُقُ أَسَارِيرُ وَجْهِهِ، فَقَالَ " أَلَمْ تَسْمَعِي مَا قَالَ الْمُدْلِجِيُّ لِزَيْدٍ وَأُسَامَةَ ـ وَرَأَى أَقْدَامَهُمَا ـ إِنَّ بَعْضَ هَذِهِ الأَقْدَامِ مِنْ بَعْضٍ ".
Narrated `Aisha:That Allah's Messenger (ﷺ) came to her in a happy mood with his features glittering with joy, and said, "Have you not heard what the Qaif has said about Zaid and Us-ama? He saw their feet and remarked. These belong to each other." (i.e. They are father and son)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।