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सहीह बुख़ारी

नंबर 3549

नंबर 3549किताब 61, नंबर 58
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ سَمِعْتُ الْبَرَاءَ، يَقُولُ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَحْسَنَ النَّاسِ وَجْهًا وَأَحْسَنَهُ خَلْقًا، لَيْسَ بِالطَّوِيلِ الْبَائِنِ وَلاَ بِالْقَصِيرِ‏.‏
Narrated Al-Bara:Allah's Messenger (ﷺ) was the handsomest of all the people, and had the best appearance. He was neither very tall nor short

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 61 · Virtues and Merits of the Prophet (pbuh) and his Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।