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सहीह बुख़ारी

नंबर 3528

नंबर 3528किताब 61, नंबर 38
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ دَعَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم الأَنْصَارَ فَقَالَ ‏"‏ هَلْ فِيكُمْ أَحَدٌ مِنْ غَيْرِكُمْ ‏"‏‏.‏ قَالُوا لاَ، إِلاَّ ابْنُ أُخْتٍ لَنَا‏.‏ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ ابْنُ أُخْتِ الْقَوْمِ مِنْهُمْ ‏"‏‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) sent for the Ansar (and when they came), he asked, 'Is there any stranger amongst you?" They said, "No except the son of our sister." Allah's Messenger (ﷺ) said, "The son of the sister of some people belongs to them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 61 · Virtues and Merits of the Prophet (pbuh) and his Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।