सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 3504

नंबर 3504किताब 61, नंबर 14
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ سَعْدٍ، ح قَالَ يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ هُرْمُزَ الأَعْرَجُ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ قُرَيْشٌ وَالأَنْصَارُ وَجُهَيْنَةُ وَمُزَيْنَةُ وَأَسْلَمُ وَأَشْجَعُ وَغِفَارُ مَوَالِيَّ لَيْسَ لَهُمْ مَوْلًى، دُونَ اللَّهِ وَرَسُولِهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "The tribe of Quraish, the Ansar, the (people of the tribe of) Julhaina, Muzaina, Aslam, Ashja', and Ghifar are my disciples and have no protectors except Allah and His Apostle

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 61 · Virtues and Merits of the Prophet (pbuh) and his Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।