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सहीह बुख़ारी

नंबर 3477

नंबर 3477किताब 60, नंबर 144
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، قَالَ حَدَّثَنِي شَقِيقٌ، قَالَ عَبْدُ اللَّهِ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم يَحْكِي نَبِيًّا مِنَ الأَنْبِيَاءِ ضَرَبَهُ قَوْمُهُ فَأَدْمَوْهُ، وَهْوَ يَمْسَحُ الدَّمَ عَنْ وَجْهِهِ، وَيَقُولُ ‏ "‏ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِقَوْمِي فَإِنَّهُمْ لاَ يَعْلَمُونَ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah:As if I saw the Prophet (ﷺ) talking about one of the prophets whose nation had beaten him and caused him to bleed, while he was cleaning the blood off his face and saying, "O Allah! Forgive my nation, for they have no knowledge

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 60 · Prophets

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।