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सहीह बुख़ारी

नंबर 3462

नंबर 3462किताब 60, नंबर 129
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ صَالِحٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ قَالَ أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ إِنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْيَهُودَ وَالنَّصَارَى لاَ يَصْبُغُونَ، فَخَالِفُوهُمْ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "The Jews and the Christians do not dye (their grey hair), so you shall do the opposite of what they do (i.e. dye your grey hair and beards)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 60 · Prophets

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।