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सहीह बुख़ारी

नंबर 3412

नंबर 3412किताब 60, नंबर 85
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي الأَعْمَشُ،‏.‏ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنه ـ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ لاَ يَقُولَنَّ أَحَدُكُمْ إِنِّي خَيْرٌ مِنْ يُونُسَ ‏"‏‏.‏ زَادَ مُسَدَّدٌ ‏"‏ يُونُسَ بْنِ مَتَّى ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah:The Prophet (ﷺ) said, "None of you should say that I am better than Yunus (i.e. Jonah)." Musadded added, "Jonah bin Matta

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 60 · Prophets

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।